ऩई सरकार से देश भर के मदरसों को उम्मीदें

आखिर किसी ने सोचा है कि आखिर क्यों अब मदरसों से इंजीनियर नहीं निकल पा रहे हैं? आखिर क्यों मुस्लिम बच्चे हाईस्कूल या इंटरमीडिएट के बाद आगे की पढ़ाई अधूरी ही छोड़ रहे हैं? हाफिज, मुफ्ती, मौलाना बनने के लिए मदरसों में 18 घंटे पढ़ने वाला छात्र, क्यों नहीं सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के…

झमट्से गट्सल पूरे अरुणाचल के लिए प्रेरणास्रोत

लूमला- एक ऐसा छोटा सा गांव जो स्थित है उगते सूर्य का पर्वतों वाला प्रदेश यानी अरुणाचल प्रदेश जो भूटान और तिब्बत की सीमाओं से घिरा है। यहां पहुंचने के लिए जिला मुख्यालय त्वांग से करीब एक घंटे का सफर तय करना पड़ता है। गौरतलब है कि अगर आप अपने अंतर्राष्ट्रीय रोमिंग वाले फोन के…

मोबाइल दिला सकती है आदिवासी सूरों को पहचान

अगर भारत को भाषाओं की धरोहर का खजाना कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति न होगी। विश्व के नक्शे पर शायद भारत ही एक ऐसा देश है जहां हर कोस पर भाषा में अलग रंगत, अलग अंदाज नज़र आता है, उनमें से एक है भाषा गोंडी। 2011 जनगणना में पाया गया कि देश में करीब 30…

मोबाइल पर स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा, सशक्तिकरण का कारगर हथियार

1950 में इंटरनेट की शुरुआत हुई तो इंटरनेट की दुनिया में क्रांति आते-आते चार दशकों का वक्त लग गया। मगर जब क्रांति आई तो इसका सकारात्मक असर पूरी दुनिया पर नज़र आया। जिसके चलते संचार के क्षेत्र में भी अप्रत्याशित बदलाव हमें देखने को मिले। एक क्लिक पर आपके हाथ विश्व की जानकारियों, संस्कृतियों का…